सुपौल जिले में आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। नगर परिषद ने कोसी नदी और शहर के प्रमुख तालाबों पर स्थित छठ घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गोताखोरों की तैनाती का कार्य शुरू कर दिया है। इस बार प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, कोसी नदी के घाटों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने के लिए पहुंचते हैं। घाटों की सीढ़ियों की मरम्मत, कीचड़ और काई की सफाई, तथा आसपास के क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। साथ ही, रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए पर्याप्त संख्या में हाई-मास्ट लाइट और अस्थायी विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से नगर परिषद ने कोसी नदी और अन्य जलाशयों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती शुरू कर दी है। ये गोताखोर छठ पूजा के दौरान लगातार घाटों पर मौजूद रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य करेंगे। इसके अलावा, घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी, ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने नगर परिषद के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि हर साल छठ पूजा के दौरान घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है, और ऐसे में साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम से पूजा करने में काफी सहूलियत होगी। कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन से घाटों तक आने-जाने के रास्तों की मरम्मत और पार्किंग की उचित व्यवस्था करने की भी मांग की है।
नगर परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि सभी प्रमुख घाटों पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो तैयारियों की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि छठ पूजा से पहले सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे घाटों पर सफाई बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।