रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला कृषि कार्यालय ने सक्रिय कदम उठाए हैं। जिले भर के पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) गोदामों में डीएपी और यूरिया खाद के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। यह कार्रवाई किसानों को उचित मूल्य पर और बिना किसी असुविधा के खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्टॉक की गुणवत्ता और मात्रा की जांच की तथा रिकॉर्ड का मिलान किया।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि रबी सीजन में गेहूं, सरसों और अन्य फसलों के लिए उर्वरक की मांग अधिक रहती है। पैक्स गोदामों में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई, और सभी गोदामों में स्टॉक रिकॉर्ड के अनुरूप पाया गया। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि किसानों को कालाबाजारी या अधिक दाम का सामना न करना पड़े।
किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए पैक्स समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित दरों पर ही उर्वरक का वितरण करें। किसी भी दुकानदार या समिति द्वारा अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि कार्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय रसीद अवश्य लें और किसी भी समस्या के लिए कार्यालय से संपर्क करें। इस पहल से किसानों में राहत की भावना है।
स्थानीय किसानों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में खाद की किल्लत और अधिक दाम की समस्या से उन्हें परेशानी होती थी, लेकिन अब सत्यापन से उम्मीद है कि समय पर खाद मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, रबी फसलों के लिए संतुलित उर्वरक का उपयोग उपज बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने किसानों को जैविक खाद के उपयोग के प्रति भी जागरूक करने की योजना बनाई है।
जिला कृषि कार्यालय ने सभी पैक्स गोदामों को निर्देश दिया है कि वे स्टॉक की सूची प्रतिदिन अपडेट करें और किसानों के लिए टोकन प्रणाली लागू करें ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में उर्वरक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टॉक मंगाया जाएगा। किसानों से यह भी अपील की गई है कि वे खाद की बर्बादी रोकें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें।